रविवार, 14 फ़रवरी 2010

प्रेम की सजा

आज वेलेनटाइन डे के अवसर पर जब प्यार और रोमांस की चर्चा चारो ओर हो रही है प्यार को सजा से जोड़ना थोडा बेतुका लगता है .लेकिन हमारे समाज में ही इस प्रकार के प्रसंग आ चुके है तो चर्चा आवश्यक हो जाती है ............
                                           लगभग हर महीने सगोत्र विवाह एवं अंतरजातीय विवाह करने वाले युवाओ को उनके ही परिजनों द्वारा मार दिए जाने से सम्बन्धित खबरे मीडिया में आती है .इस प्रकार के आनर किलिंग के मामले आते ही रहते है ........इनकी संख्या उत्तर भारत में अधिक दिखाई पड़ती है .
                                                              परम्पराओ एवं समाज के नियमो पर ये युवा कुर्बान हो जाते है .ये एक प्रकार से मानवाधिकारो का हनन है ............जब दो व्यस्क व्यक्ति अपनी मर्जी से साथ रहने का निर्णय लेते है तो उन्हें इतनी बर्बर सजा देने वाला समाज इस तरह के कदम क्यों उठाता है?..............यह समझ से परे लगता है .....................
                                                           इस प्रकार के मामलो से भारत की विश्व में साख घटती है .लेकिन सरकार ने इन समस्याओ के मद्देनजर कुछ कदम उठाये है और भारतीय दंड संहिता १८६० में कुछ संशोधन का प्रावधान भी लाने वाली है ..............जिससे इस तरह के कामो पर लगाम जरुर लगेगी .........खैर ये घटनाये समाज को जरुर प्रभावित करती है इसलिए
इस ओर कदम जरुर बढने चाहिए .........................

10 टिप्‍पणियां:

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत जोरदार .....प्रेम चतुर्थी की शुभकामनाये

विचारों का दर्पण ने कहा…

aapne bilkul sahi kaha .....aaj bhi pyar kerne walo ko ......kai preshaniyo se gujarna padta ....ya fie jaan hi gwani padjaati hai ....kab badlegi logon ki soch .

याज्ञवल्‍क्‍य ने कहा…

बेहतर होता यदि इसमे कूछ घटनाओं का थोडा वर्णन होता

meri najar mei ने कहा…

sahi samaya par uthaya gaya sahi savalhai.

Mired Mirage ने कहा…

जिस समाज में प्रेम बुरा है घृणा अच्छी, उससे क्या आशा की जा सकती है?
घुघूती बासूती

निहाल सिंह ने कहा…

baat me dam hai aapki

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत सही बात कही आपने.....

vikas ने कहा…

dheere-dheere badalav ho raha hai lekin tab tak na jaane kitne premiye ka balidaan ho chuka hoga.kyu?
VIKAS PANDEY
http://vicharokadarpan.blogspot.com/

NIHAL PAL ने कहा…

जी ऐसा लोग सही करते है क्योकि आज कल युवा अपनी मर्जी से शादी करते है और फिर १ या २ साल बाद तलाक हो जाता है फिर ये कहा से उहित हुआ हलाकि मुझे मीडिया का विध्यार्ती होने के कारण ऐसी बात नहीं करनी चाहिए
http://aatejate.blogspot.com

बेनामी ने कहा…

Love depends on you. If you do love with same culture(living style, society ,status, understanding) then there is no problem.If your love from out of the world then no body except it.In India caste, status ,wealth ,power consider as different planet. Imagine if you fall in love of the other planet's man.Then how you have adjust yourself. So do deep thought on this...........
Thanks