रविवार, 17 जनवरी 2010

कुम्भ मेला


ये देखो यह कुम्भ मेला आया,
कुम्भ मेला नही महामेला आया,
गृहस्थो,साधु,सन्यासियों का महारेला आया,
बारह बरसों के बाद सदी का पहला कुम्भमेला आया,
बरसों का पाप धुलने एवं पुन्य कमाने का अवसर आया,
सन्यासियों एवं आख्दो के शक्ति प्रदर्शन का मौका आया,
प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के निरिक्षण का समय आया,
ये देखो यह कुम्भ मेला आया

1 टिप्पणी:

Sangya Pandey ने कहा…

kavta bahut hi behatrin hai